अर्जेंटीना ने बुर्किना फासो को 7-0 से हराया, पर मैच पर उठे सवाल
4 अक्टूबर 2026 · लेखक: Gaurav kumar

ब्यूनस आयर्स में अर्जेंटीना ने बुर्किना फासो की युवा टीम को 7-0 से हराया। तीन खिलाड़ियों ने पहला सीनियर गोल किया, पर दोनों टीमों के स्तर के फर्क पर सवाल उठे। अब नजर मेसी के आखिरी मैच पर है।
बड़ी जीत, फीकी रात
अर्जेंटीना ने शनिवार को ब्यूनस आयर्स के मोनुमेंटल स्टेडियम में बुर्किना फासो को 7-0 से हरा दिया। 2026 वर्ल्ड कप के बाद यह अर्जेंटीना का दूसरा दोस्ताना मैच था। इससे पहले टीम ने बोलीविया को 4-0 से हराया था। स्कोरलाइन देखकर लगता है कि अर्जेंटीना ने कमाल का खेल दिखाया, लेकिन मैच की पूरी तस्वीर थोड़ी अलग है।
शुरू से ही अर्जेंटीना का दबदबा
मैच के चौथे मिनट में ही अर्जेंटीना को पेनल्टी मिली। गोलकीपर ने लाउतारो मार्टिनेज़ का शॉट रोक दिया, लेकिन गेंद लौटकर उन्हीं के पास आई और उन्होंने रिबाउंड पर गोल कर दिया। आठवें मिनट में बुर्किना फासो के डिफेंडर मौमौने डियालो की क्लियरेंस की कोशिश गलत गई और गेंद उन्हीं के गोल में चली गई। स्कोर 2-0 हो गया।
12वें मिनट में जियानलुका प्रेस्टियानी ने गोल करके बढ़त 3-0 कर दी। यह अर्जेंटीना के लिए उनका पहला सीनियर इंटरनेशनल गोल था। पहले हाफ के आखिरी हिस्से में निको पाज़ ने स्कोर 4-0 किया, और यह उनका भी राष्ट्रीय टीम के लिए पहला गोल था। इसके बाद जूलियन अल्वारेज़ ने पाँचवाँ गोल किया और हाफ टाइम तक स्कोर 5-0 हो गया।
दूसरे हाफ में अर्जेंटीना की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई, लेकिन गोल नहीं रुके। 57वें मिनट में फ्रांको मास्तान्तुओनो ने अपने पहले सीनियर गोल से स्कोर 6-0 किया। आखिर में 90+3 मिनट पर जूलियानो सिमेओने ने सातवाँ गोल दागा।
बुर्किना फासो की बदली हुई टीम
इस नतीजे को समझने के लिए दूसरी टीम की हालत देखना जरूरी है। कई सीनियर खिलाड़ियों ने थकान का हवाला देकर यात्रा नहीं की, इसलिए बुर्किना फासो को ज्यादातर युवा खिलाड़ियों के साथ उतरना पड़ा। ऊपर से मोरक्को से उनकी प्राइवेट फ्लाइट कैंसल हो गई और टीम मैच से सिर्फ पाँच घंटे पहले ब्यूनस आयर्स पहुँची। सामने वर्ल्ड कप 2026 की उपविजेता टीम थी।
फिर भी यह बात बुर्किना फासो के युवा खिलाड़ियों की मेहनत को कम नहीं करती। इतनी बड़ी टीम के सामने खेलना उनके लिए अनुभव का मौका था। लेकिन इस नतीजे को उनकी सीनियर टीम की ताकत का पैमाना मानना ठीक नहीं होगा।
नए चेहरों के लिए खास रात
इस मैच की सबसे अच्छी बात यह रही कि युवा खिलाड़ियों को मौका मिला। प्रेस्टियानी, मास्तान्तुओनो और पाज़, तीनों के लिए यह राष्ट्रीय टीम का पहला गोल था। किसी भी खिलाड़ी के करियर में पहला इंटरनेशनल गोल हमेशा यादगार होता है। कोच लियोनेल स्कालोनी ने दूसरे हाफ में कई खिलाड़ियों को खेलने का समय भी दिया।
मैच पर उठे सवाल
जीत के बाद भी हर कोई खुश नहीं दिखा। ESPN के मुताबिक स्टेडियम करीब आधा ही भरा था। अर्जेंटीना के अखबार ला नासियोन ने इस मैच को शर्मनाक तमाशा तक कह दिया और पूछा कि दोनों टीमों के स्तर में इतने फर्क के बीच स्कालोनी इस मैच से कितना कुछ परख पाए होंगे। स्कालोनी ने खुद माना कि वे मजबूत टीमों के सामने खेलना पसंद करेंगे, लेकिन अच्छे विकल्प कम हैं।
यह सवाल सही भी है। दोस्ताना मैच का मकसद टीम की तैयारी परखना होता है। अगर विपक्षी टीम इतनी कमजोर हो कि चुनौती ही न मिले, तो रणनीति या खिलाड़ियों की असली परीक्षा नहीं हो पाती।
मेसी की विदाई की तैयारी
अब नजर अगले मैच पर है। मंगलवार, 6 अक्टूबर को अर्जेंटीना बेनिन से खेलेगा, जो कप्तान लियोनेल मेसी का राष्ट्रीय टीम के लिए आखिरी मैच बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मेसी को बुर्किना फासो के खिलाफ टीम में रखा ही नहीं गया था, ताकि वे विदाई मैच के लिए पूरी तरह तरोताजा रहें। फैंस के लिए यह बेहद भावुक पल होगा।
अर्जेंटीना ने जो करना था, वह कर दिखाया। बड़ी जीत मिली, नए खिलाड़ियों को गोल का मौका मिला और टीम को मैच का समय मिला। लेकिन इस जीत से बड़े निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। असली तस्वीर तब साफ होगी जब टीम किसी मजबूत विपक्षी के सामने उतरेगी।
(तस्वीर: AI से बनी प्रतीकात्मक तस्वीर। स्रोत: ESPN, Goal, La Tercera)
