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भारतीय महिला क्रिकेट का खत्म हुआ एक युग : हरमनप्रीत कौर ने छोड़ी कप्तानी , BCCI ने उसी दिन स्मृति मंधाना को बनाया नई कप्तान

7 अक्टूबर 2026 · लेखक: Gaurav kumar

भारतीय महिला क्रिकेट का खत्म हुआ एक युग : हरमनप्रीत कौर ने छोड़ी कप्तानी , BCCI ने उसी दिन स्मृति मंधाना को बनाया नई कप्तान

भारतीय महिला क्रिकेट में कल का दिन यानी 6 अक्टूबर 2026 हमेशा याद रखा जाएगा। कल 37 साल की हरमनप्रीत कौर ने सभी फॉर्मेट से कप्तानी छोड़ने का ऐलान किया और उनके ऐलान के कुछ ही घंटों बाद BCCI ने स्मृति मंधाना को नया कप्तान बना दिया। हरमनप्रीत ने कहा है कि उन्होंने अपनी ड्यूटी पूरी कर दी है और अब वो सिर्फ खेल के प्यार के लिए खेलेंगी , जबकि 30 साल की मंधाना की कप्तानी की शुरुआत जिम्बाब्वे सीरीज से होगी ।

मैं आपको सच बताऊं तो कल जब ये खबर आई तो मैं खुद भी शॉक में था। आज 7 अक्टूबर की सुबह जब मैंने दोबारा सारा चेक किया तो समझ आया कि कल 6 अक्टूबर को एक नहीं बल्कि दो बड़े फैसले हुए हैं। इसलिए अब मैं आपको वही लिख रहा हूँ जो कल सच में हुआ था । कल 6 अक्टूबर को आखिर हुआ क्या था ?? कल मंगलवार का दिन था। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कल ही सभी फॉर्मेट से कप्तानी छोड़ने का फैसला लिया। उन्होंने ये जानकारी खुद अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक लंबी पोस्ट लिखकर दी। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक हरमनप्रीत कौर ने सभी फॉर्मेट से कप्तानी छोड़ दी है और ये खबर 6 अक्टूबर 2026 को अपडेट हुई थी। वो भारत की एकमात्र ऐसी कप्तान हैं जिन्होंने वर्ल्ड कप जिताया है। द हिन्दू की रिपोर्ट में बताया गया है कि हरमनप्रीत ने कहा कि उन्होंने एक लीडर के तौर पर अपनी ड्यूटी कर दी है और अब वो खेल के प्यार के लिए फिर से खेलने को तैयार हैं । GK Today के मुताबिक 37 साल की हरमनप्रीत कौर ने 6 अक्टूबर 2026 को सभी फॉर्मेट से कप्तानी छोड़ी और उन्होंने ये फैसला गुवाहाटी में हुई BCCI की रिव्यू मीटिंग के बाद लिया। ये रिव्यू मीटिंग क्या थी ?? ये बहुत जरूरी पॉइंट है। ये फैसला अचानक नहीं आया। इससे एक दिन पहले यानी 5 अक्टूबर को गुवाहाटी में BCCI की एक बड़ी रिव्यू मीटिंग हुई थी। इस मीटिंग में BCCI सचिव देवजीत सैकिया, उप - कप्तान स्मृति मंधाना और हेड कोच अमोल मजूमदार मौजूद थे। इसी मीटिंग में टीम के फ्यूचर प्लान पर बात हुई थी और उसके अगले ही दिन हरमनप्रीत ने अपना फैसला सुना दिया। हरमनप्रीत ने अपनी पोस्ट में दो बहुत इमोशनल बातें लिखीं। पहली " Today , I step down as captain of the Indian Women's Cricket Team across all formats " और दूसरी " This is not an easy decision . It carries years of memories , emotions , sacrifices , and moments that will stay with me for the rest of my life "। मतलब ये उनके लिए आसान नहीं था। हरमनप्रीत ने ऐसा क्यों किया ?? देखो , 10 साल तक कप्तानी करना कोई मजाक नहीं है। उन्होंने खुद लिखा है कि उन्होंने खून - पसीना दिया और कई बार अपना खेल भी कुर्बान किया। कप्तानी का बोझ ऐसा होता है कि आप अपनी बैटिंग पर फोकस नहीं कर पाते। शायद वो अब बिना किसी टेंशन के सिर्फ बल्लेबाजी करना चाहती हैं और उनका करियर तो देखो उन्होंने भारत को 2025 में पहला वनडे वर्ल्ड कप जिताया। उनकी कप्तानी में भारत ने दो बार T20 एशिया कप और दो बार एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता है , जिसमें सबसे ताजा गोल्ड पिछले महीने आइची - नागोया गेम्स में आया है। इतना सब जीतने के बाद शायद उन्हें लगा कि अब नई पीढ़ी को मौका देना चाहिए। उसी दिन दूसरा बड़ा धमाका - नई कप्तान का ऐलान अब यहीं पर कहानी में ट्विस्ट आता है। हरमनप्रीत के हटने के कुछ ही घंटों बाद BCCI ने भी फटाफट नया कप्तान अनाउंस कर दिया । आउटलुक इंडिया के मुताबिक भारतीय महिला क्रिकेट में एक नए युग की शुरुआत हो गई है क्योंकि स्मृति मंधाना ने हरमनप्रीत की जगह ले ली है। बोर्ड ने 6 अक्टूबर को ही इस अपॉइंटमेंट को कन्फर्म कर दिया था , जो हरमनप्रीत के फैसले के थोड़ी देर बाद ही आया। बिजनेस टुडे की रिपोर्ट में बताया गया है कि मंधाना की कप्तानी की शुरुआत जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाली व्हाइट - बॉल सीरीज से होगी। स्मृति मंधाना कौन हैं ?? स्मृति मंधाना 30 साल की हैं , पिछले कई सालों से टीम की उप - कप्तान थीं और उन्होंने पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को वुमेंस प्रीमियर लीग का खिताब भी जिताया है। नई कप्तान बनने के बाद मंधाना ने कहा कि भारत की कप्तानी करना उनके लिए बहुत ही स्पेशल सम्मान है और उन्होंने BCCI , सेलेक्टर्स , टीम के साथियों और फैंस को भरोसा जताने के लिए शुक्रिया कहा है। उन्होंने हरमनप्रीत की भी तारीफ की और कहा कि उनकी कमिटमेंट बहुत बड़ी थी। आज 7 अक्टूबर है , मतलब खबर कल की है लेकिन इफेक्ट आज से शुरू हुआ है। आज से भारतीय महिला टीम आधिकारिक तौर पर मंधाना की टीम है। हरमनप्रीत अब सिर्फ एक सीनियर बल्लेबाज के तौर पर खेलेंगी। मेरे हिसाब से ये दोनों के लिए अच्छा है। हरमनप्रीत को अब फ्री माइंड से खेलने को मिलेगा और मंधाना को वो मौका मिलेगा जिसका वो सालों से इंतजार कर रही थीं। कल 6 अक्टूबर का दिन इसलिए इतिहास में लिखा जाएगा क्योंकि एक ही दिन में एक लीजेंड ने कप्तानी छोड़ी और एक नई लीजेंड ने कप्तानी संभाली। (तस्वीर: प्रतीकात्मक, AI की मदद से तैयार की गई।)

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