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इंडिगो फ्लाइट में टला बड़ा हादसा : पटना से लखनऊ जा रही फ्लाइट पर 17 हजार फीट पर गिरी आकाशीय बिजली , नोज चकनाचूर , लेकिन गनीमत ये है कि 110 जानें सुरक्षित

8 अक्टूबर 2026 · लेखक: Gaurav kumar

इंडिगो फ्लाइट में टला बड़ा हादसा :  पटना से लखनऊ जा रही फ्लाइट पर 17 हजार फीट पर गिरी आकाशीय बिजली , नोज चकनाचूर , लेकिन गनीमत ये है कि 110 जानें सुरक्षित

बिहार की राजधानी पटना से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ जा रही इंडिगो की फ्लाइट बुधवार को बड़े हादसे का शिकार होते - होते बच गई। आसमान में 17,000 फीट की ऊंचाई पर विमान पर आकाशीय बिजली गिर गई , जिससे उसका अगला हिस्सा यानी नोज बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि पायलट की सूझबूझ से विमान ने लखनऊ एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग कर ली और सभी 110 लोग सुरक्षित हैं।

जानकारी के मुताबिक ये घटना बुधवार 7 अक्टूबर को दोपहर के बाद की है। इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E925 ने पटना एयरपोर्ट से दोपहर करीब 3:10 बजे उड़ान भरी थी और इसे शाम 4:12 बजे लखनऊ पहुंचना था। मौसम खराब होने की वजह से जब विमान लखनऊ के पास 17 हजार फीट की ऊंचाई पर था , तभी अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। इस बिजली गिरने से फ्लाइट का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और विमान की नोज को नुकसान पहुंचा। अंदर बैठे यात्रियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई , लेकिन क्रू ने स्थिति को संभाल लिया। पायलट ने तुरंत लखनऊ एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क किया , जिसके बाद रनवे खाली कराया गया और इमरजेंसी सेवाओं , एंबुलेंस को स्टैंडबाय पर रखा गया। विमान ने लखनऊ एयरपोर्ट पर शाम करीब 4:05 बजे सुरक्षित लैंडिंग कर ली , जो अपने तय समय से 8 मिनट पहले थी। इसको लेकर दो तरह की खबरें आईं , लेकिन सबसे भरोसेमंद सोर्स के मुताबिक विमान में 104 यात्री और 6 क्रू मेंबर सवार थे। यानी कुल 110 लोग विमान में उस समय मौजूद थे । सभी यात्री और क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित हैं। लैंडिंग के बाद विमान को ग्राउंड कर दिया गया है और उसकी तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। एयरलाइन ने बताया कि लैंडिंग के दौरान ओलों ने भी विमान के रेडोम को नुकसान पहुंचाने में भूमिका निभाई , जो वेदर रडार का कवर होता है। 17 हजार फीट पर बिजली गिरने से क्या होता है ? क्या विमान जल सकता है ?? बहुत से लोग सोचते हैं कि विमान पर बिजली गिरने से वो जल जाएगा , पर ऐसा नहीं होता। आधुनिक विमानों की बॉडी एल्युमिनियम से बनी होती है जो बिजली को अपने ऊपर से बहाकर नीचे निकाल देती है। इसे Faraday Cage Effect कहते हैं। लेकिन लेकिन दिक्कत तब आती है जब बिजली सीधे नोज पर लगे रेडोम पर गिरती है। रेडोम फाइबर ग्लास का बना होता है , मेटल का नहीं , इसलिए वो सबसे कमजोर होता है। यहीं पर डेंट , छेद या पेंट उखड़ जाता है। इसी वजह से इस फ्लाइट का नोज बुरी तरह डैमेज हो गया। हालांकि विमान के अंदर के सिस्टम , इंजन और पैसेंजर केबिन पूरी तरह सेफ रहते हैं। इसीलिए पायलट ने बिना घबराए विमान को लैंड करा दिया। इंडिगो और DGCA क्या कह रहा है ?? इंडिगो ने बयान जारी कर कहा है कि पटना - लखनऊ फ्लाइट खराब मौसम के बीच बिजली की चपेट में आ गई थी , लेकिन सभी यात्री सुरक्षित हैं और विमान को जांच के लिए रोक लिया गया है। DGCA ने भी इस मामले की रिपोर्ट मांगी है। क्या ये पहली घटना है ?? नहीं , ये पहली बार नहीं है। हर विमान को औसतन साल में एक बार बिजली गिरने का सामना करना पड़ता है। पिछले साल भी दिल्ली - श्रीनगर इंडिगो फ्लाइट पर ओलों और बिजली से ऐसा ही डैमेज हुआ था। पटना - लखनऊ इंडिगो फ्लाइट की ये घटना एक बार फिर बताती है कि खराब मौसम में हवाई सफर कितना चुनौतीपूर्ण हो सकता है , लेकिन साथ ही ये भी दिखाती है कि आधुनिक तकनीक और पायलट की समझदारी से बड़ी से बड़ी मुसीबत टाली जा सकती है। 17 हजार फीट पर बिजली गिरने के बाद भी 110 लोगों का सुरक्षित लखनऊ पहुंच जाना किसी चमत्कार से कम नहीं है। (तस्वीर: प्रतीकात्मक AI-जनित छवि / AI Generated Image)

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