विश्व दृष्टि दिवस 2026 --आंखों की रोशनी बचाने का सबसे बड़ा ग्लोबल अभियान
8 अक्टूबर 2026 · लेखक: Gaurav kumar

हर साल अक्टूबर के दूसरे गुरुवार को पूरी दुनिया आंखों की सेहत पर बात करती है। इस साल विश्व दृष्टि दिवस 8 अक्टूबर 2026 को मनाया जा रहा है और इसकी थीम है #LoveYourEyes। ये दिन सिर्फ एक तारीख नहीं , बल्कि उन करोड़ों लोगों की याद दिलाने का दिन है जिनकी रोशनी रोकी जा सकती थी।
विश्व दृष्टि दिवस क्या है और 2026 में कब है ??
विश्व दृष्टि दिवस कोई सरकारी छुट्टी नहीं है , बल्कि आंखों के प्रति जागरूकता का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय दिन है। हर साल ये अक्टूबर के दूसरे गुरुवार को मनाया जाता है। इस साल 2026 में ये दिन 8 अक्टूबर , गुरुवार को पड़ रहा है , जो अक्टूबर के दूसरे गुरुवार को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय विजन डे है। ऑफिशियल लिस्ट के मुताबिक भी World Sight Day 2026 की तारीख गुरुवार , 8 अक्टूबर 2026 है। यानी आज ही का दिन है।
इस साल की थीम क्या है?
हर साल इस दिन का एक खास संदेश होता है। 2026 की थीम है " Love Your Eyes " यानी अपनी आंखों से प्यार करो। इस थीम को अब #LoveYourEyes के नाम से पिछले छह साल से चलाया जा रहा है और 2026 का कैंपेन पर्सनल कहानियों और कम्युनिटी एक्शन पर फोकस कर रहा है। इसका सीधा मतलब है अपनी आंखों को तब तक हल्के में मत लो जब तक कोई बड़ी दिक्कत न आ जाए। पहले ही जांच कराओ , पहले ही ख्याल रखो।
इस दिन की शुरुआत कैसे हुई?
कहानी थोड़ी पुरानी है। 1990 में Lions Clubs International Foundation ने SightFirst Campaign शुरू किया था। उसी कैंपेन के दौरान 2000 में Lions Clubs और International Agency for the Prevention of Blindness ने मिलकर तय किया कि हर साल अक्टूबर के दूसरे गुरुवार को विश्व दृष्टि दिवस के रूप में मनाया जाएगा। पहली बार ये 12 अक्टूबर 2000 को मनाया गया था। बाद में WHO भी इससे जुड़ गया और इसे अपने VISION 2020 अभियान का हिस्सा बना लिया , जिसका लक्ष्य था रोकी जा सकने वाली अंधता को खत्म करना। आज ये 100 से ज्यादा देशों में मनाया जाता है। मकसद शुरू से साफ था लोगों में अंधेपन और आंखों की दूसरी समस्याओं को रोकने के लिए सुरक्षित तरीकों के बारे में जागरूकता फैलाना। WHO के मुताबिक आज भी दुनिया में करीब 2.2 बिलियन लोग किसी न किसी तरह की दृष्टि बाधा से जूझ रहे हैं , और इसमें से कम से कम 1 बिलियन मामलों को रोका जा सकता था या अभी भी इलाज संभव है। सबसे बड़ी वजहें हैं मोतियाबिंद , चश्मे का नंबर न जांचना , ग्लूकोमा और डायबिटिक रेटिनोपैथी। भारत में तो स्थिति और भी गंभीर है। यहां करीब 49.5 लाख लोग अंधेपन के शिकार हैं और करीब 3.5 करोड़ लोग किसी न किसी तरह की दृष्टि बाधा से जूझ रहे हैं , और गांवों में तो कई जगह एक भी आई स्पेशलिस्ट नहीं है।
थीम #LoveYourEyes सिर्फ पोस्टर लगाने के लिए नहीं है। आप सच में अपनी आंखों से प्यार करते हैं तो ये 5 आदतें आज से ही शुरू कर दें ---
• 20 - 20 - 20 का नियम -- मोबाइल-लैपटॉप पर काम करते हैं तो हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें।
• साल में एक बार पूरी आंखों की जांच -- नंबर चाहे हो या न हो , 30 साल के बाद हर साल आंखों का प्रेशर और पर्दा जरूर चेक कराएं।
• धूप में चश्मा -- UV किरणें मोतियाबिंद को तेज करती हैं। बाहर निकलते वक्त अच्छा सनग्लास पहनें ।
• डायबिटीज और BP कंट्रोल -- भारत में डायबिटीज से आंखों की रोशनी जाना बहुत आम हो गया है। शुगर कंट्रोल मतलब आंखें सेफ ।
• बच्चों पर ध्यान -- बच्चों का ज्यादा मोबाइल देखना , कम रोशनी में पढ़ना , आंखें मलना ये सब आगे चलकर बड़ा नंबर बन जाता है।
आप डॉक्टर नहीं हैं तो भी बहुत कुछ कर सकते हैं। आज अपने घर में किसी बुजुर्ग को मुफ्त आई कैंप में ले जाएं , अपने ऑफिस में स्क्रीन टाइम पर बात करें , सोशल मीडिया पर #LoveYourEyes के साथ अपनी आंखों की जांच की फोटो डालें ताकि और लोग भी जागरूक हों। कई अस्पतालों में आज के दिन फ्री स्क्रीनिंग होती है। विश्व दृष्टि दिवस हमें याद दिलाता है कि आंखें भगवान का दिया सबसे महंगा तोहफा हैं। इसे हम तब तक फॉर ग्रांटेड लेते हैं जब तक धुंधलापन शुरू नहीं होता। 2026 की थीम Love Your Eyes इसी बात पर जोर देती है अपनी आंखों से प्यार करना सीखो , इससे पहले कि बहुत देर हो जाए। आज 8 अक्टूबर है , तो क्यों न आज ही अपनी आंखों की जांच का एक छोटा सा वादा कर लिया जाए ??
(तस्वीर: प्रतीकात्मक AI-जनित छवि / AI Generated Image)
